रतलाम: पटवारी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप; जिले भर के पटवारी हड़ताल पर

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रतलाम: पटवारी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप; जिले भर के पटवारी हड़ताल पर

रतलाम/आलोट | मध्य प्रदेश के रतलाम में पटवारी की आत्महत्या ने पूरे प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मंगलवार को अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद एक 15 दिन पुराना सुसाइड नोट सामने आया है, जिसने व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खुशियां मातम में बदली: भाई की शादी के दो दिन बाद उठाया खौफनाक कदम

मृतक रविशंकर के घर में अभी भाई सिद्धार्थ की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं। रविवार को ही शादी संपन्न हुई थी, लेकिन मंगलवार को रविशंकर के आत्मघाती कदम ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। बता दें कि रविशंकर को वर्ष 2023 में अपने पिता (जिनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई थी) के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।

सुसाइड नोट में छलका दर्द: 'गलत काम का दबाव और मानसिक प्रताड़ना'

वायरल हो रहे सुसाइड नोट में मृतक ने आलोट की नायब तहसीलदार सविता राठौर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • छुट्टी न देना: भाई की शादी होने के बावजूद छुट्टी नहीं दी गई और न ही कार्ड बांटने का समय मिला। आरोप है कि तहसीलदार ने उन्हें क्वार्टर पर बुलाकर शादी में शामिल न होने देने की धमकी दी थी।

  • अनुचित दबाव: किसी रणजीत सिंह नामक व्यक्ति के पक्ष में गलत रिपोर्ट और रिकॉर्डिंग तैयार करने का दबाव बनाया गया।

  • कार्यस्थल पर प्रताड़ना: नक्शा बटांकन, मौका रिपोर्ट और पंचनामा बदलने के लिए बार-बार मजबूर किया गया। विरोध करने पर 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर मानसिक रूप से परेशान किया गया।

"साहब! ऐसी प्रताड़ना में मैं नौकरी नहीं कर सकता।" — (मृतक के सुसाइड नोट का अंश)

पटवारी संघ का आक्रोश: थाने पर धरना, विधायक भी पहुंचे समर्थन में

घटना की खबर फैलते ही मंगलवार देर रात करीब 12 बजे पटवारी संघ ने औद्योगिक थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों के साथ सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी जमीन पर धरने पर बैठे। पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों (RI) ने सामूहिक रूप से काम बंद हड़ताल की घोषणा कर दी है।

प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

मामले को गरमाता देख कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को आलोट से हटाकर जिला मुख्यालय रतलाम के भू-अभिलेख कार्यालय में 'अटैच' कर दिया है। हालांकि, पटवारी संघ इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।

मेडिकल कॉलेज में भारी तनाव: रतलाम मेडिकल कॉलेज में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मृतक के परिजनों, पटवारी संघ और आदिवासी समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि:

  1. आरोपी नायब तहसीलदार पर तत्काल FIR दर्ज हो।

  2. अधिकारी को केवल अटैच नहीं, बल्कि निलंबित किया जाए।

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच कर रही है। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है।

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