सुबह 5:30 बजे अचानक भड़कीं लपटें
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस सुबह रतलाम स्टेशन से रवाना हुई थी। सुबह करीब 5:30 बजे लूणी-विक्रमगढ़ के बीच अचानक ट्रेन के B-1 (AC थ्री टायर) कोच से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। ट्रेन के गार्ड ने बिना वक्त गंवाए तुरंत लोको पायलट (ड्राइवर) को इसकी सूचना दी, जिसके बाद आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को तुरंत रोका गया।
सिर्फ 15 मिनट में खाली कराया कोच, रोकी गई एसी सप्लाई
आग लगने की खबर मिलते ही ट्रेन में मौजूद आरपीएफ (RPF) स्टाफ, टीटीई और अन्य रेल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। यात्रियों में मची अफरा-तफरी के बीच महज 15 मिनट के भीतर पूरे कोच को खाली करा लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर कोच की एयर कंडीशनिंग (AC) और बिजली सप्लाई तुरंत काट दी गई। सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर ट्रेन के दूसरे डिब्बों में शिफ्ट किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दुर्घटना में दो कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी जनहानि की खबर नहीं है।
कोटा में जोड़े जाएंगे अतिरिक्त कोच
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित यात्रियों को आगे की यात्रा में कोई परेशानी न हो, इसके लिए ट्रेन को कोटा स्टेशन ले जाया जा रहा है। कोटा में ट्रेन के साथ अतिरिक्त बोगियाँ (Coaches) जोड़ी जाएंगी ताकि यात्री बिना किसी असुविधा के दिल्ली पहुंच सकें। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर जांच के लिए पहुंच चुकी है।
हाई-लेवल कमेटी करेगी जांच, जाँच के आदेश जारी
रेल मंत्रालय ने राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे बोर्ड की एक तीन सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कोचिंग डिपार्टमेंट के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह कमेटी आग लगने के असली कारणों (जैसे शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खामी) की बारीकी से जांच करेगी। रतलाम रेल मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार भी दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) और टावर वैगन के साथ मौके पर मुस्तैद हैं।
रेलवे अलर्ट: ये ट्रेनें जहां-तहां रोकी गईं
इस हादसे के कारण दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा: