घर का भेदी लंका ढाए: कर्मचारी ने ही लुटवाए 40 लाख, पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा

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घर का भेदी लंका ढाए: कर्मचारी ने ही लुटवाए 40 लाख, पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा
  • ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय बन आए थे लुटेरे, 'OK' कोड वर्ड से खुली 40 लाख की सनसनीखेज लूट की साजिश
  • फरियादी का वफादार कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, शत-प्रतिशत रकम बरामद

रतलाम / D I T NEWS 

रतलाम जिला पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का लोहा मनवाते हुए स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में हुई लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का महज घंटे के भीतर न सिर्फ खुलासा कर दिया, बल्कि पूरी की पूरी रकम भी बरामद कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि फरियादी का बेहद भरोसेमंद कर्मचारी ही निकला, जिसने अपने सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर फिल्मी अंदाज में इस बड़ी डकैती की पटकथा लिखी थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता को दबोच लिया है, जबकि दो आरोपी फिलहाल फरार हैं।

व्हाट्सएप के 'OK' मैसेज से शुरू हुआ खेल

पुलिस अधीक्षक (SP)  अमित कुमार के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम देने के लिए डिजिटल कोड वर्ड का इस्तेमाल किया था। जैसे ही शराब दुकान की लाख रुपये की नगदी फरियादी के कर्मचारी फरदीन के हाथ में आई, उसने तुरंत अपने साथियों को व्हाट्सएप पर "OK" का मैसेज भेजकर सिग्नल दे दिया।

संकेत मिलते ही पूर्व योजना के अनुसार उसका भाई फैज और साथी असबाब ब्लिंकिट (Blinkit) कंपनी की डिलीवरी बॉय वाली ड्रेस पहनकर और चेहरे पर कपड़ा बांधकर स्कूटी से पहुंचे। चूंकि आरोपी असबाब पहले ब्लिंकिट में काम कर चुका था, इसलिए उन्होंने पुलिस को चकमा देने के लिए इस वेशभूषा का इस्तेमाल किया।

कैमरे की नजर और पुलिस के जाल में फंसा

 वारदात के बाद पुलिस की संयुक्त टीम और साइबर सेल ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो फरियादी के कर्मचारी फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक ढंग से सख्त पूछताछ की, तो उसने टूटकर अपना गुनाह कबूल कर लिया।

घर के स्टोर रूम से बरामद हुए पूरे 40 लाख

पकड़े गए मुख्य आरोपी फरदीन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके और फरार आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम में छिपाकर रखी गई ₹40,00,000 (चालीस लाख रुपये) की शत-प्रतिशत नगद राशि बरामद कर ली है। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

क्या थी पूरी घटना?

बीती जून 2026 को शहर सराय निवासी फरियादी मनीष पटवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मित्र और शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न शराब दुकानों का कलेक्शन ( लाख रुपये) उनके कार्यालय भेजा गया था। फरियादी के कर्मचारी फरदीन और उसके पिता फिरोज ने पैसे गिने और बैग लेकर जैसे ही मकान की ऊपरी मंजिल पर जाने लगे, तभी ब्लिंकिट की वर्दी पहने एक बदमाश ने फरदीन को जान से मारने की धमकी दी और नोटों से भरा बैग छीनकर फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल BNS की धारा 309(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

गिरफ्तार आरोपी..

  • गिरफ्तार आरोपी: फरदीन पिता फिरोज खान (उम्र वर्ष), निवासी: वेदव्यास कॉलोनी, रतलाम।

  • फरार आरोपी (तलाश जारी):

    1. फैज पिता फिरोज खान (वेदव्यास कॉलोनी)

    2. असबाब पिता सलीम रंगरेज (हाट रोड, रतलाम)

  • जप्त मशरूका: ₹40,00,000 नगद एवं वारदात में इस्तेमाल सामग्री।

सराहनीय भूमिका (जांबाज टीम):

इस अंधे कत्ल और सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करने में स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन, उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह कनेश, मुकेश सस्तिया, विजय बामनिया, शिवेंद्र कुमार, नवलसिंह मिनावा, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, अभिषेक पाठक, निलेश पाठक, शान्तीलाल डिण्डोर, आरक्षक लाखन सिंह, रितेश यादव, निर्मल कटारा, हेमंत पंवार सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदीया, पारस चावला और देवेन्द्र डोडिया की अत्यंत सराहनीय और उत्कृष्ट भूमिका रही।