रक्षक ही भक्षक: सुखेड़ा जैन मंदिर में चोरी का मास्टरमाइंड निकला खुद पुजारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

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रक्षक ही भक्षक: सुखेड़ा जैन मंदिर में चोरी का मास्टरमाइंड निकला खुद पुजारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

रतलाम। D I T NEWS

चांदी की सिद्ध चक्र प्रतिमा और हार बेचकर मिले 94 हजार रुपये नगद बरामद, पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा

पिपलोदा/सुखेड़ा। थाना पिपलोदा के अंतर्गत सुखेड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र के जैन मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चोरी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मंदिर का पुजारी ही निकला, जिसने अपने स्कूल के दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में पुजारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से चोरी गई चांदी की सिद्ध चक्र भगवान की प्रतिमा और सोने का हार बेचने से मिले 94,000 रुपये नगद बरामद कर लिए गए हैं।

पुजारी ने ही रची थी साजिश, दोस्त को बस से बुलाया था चोरी करने

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 जून 2026 को सुखेड़ा जैन मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी (26) ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दोपहर में जब वह छत पर सफाई कर रहा था, तब कोई अज्ञात बदमाश मंदिर से 13 ग्राम का सोने का हार और 180 ग्राम चांदी की सिद्ध चक्र भगवान की प्रतिमा चुरा ले गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार के निर्देशन और एएसपी विवेक कुमार लाल व एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रमेश कोली व चौकी प्रभारी राजू मखोड की टीम गठित की गई। पुलिस ने जब सुखेड़ा नगर और मंदिर के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक संदिग्ध युवक मुंह पर मास्क बांधे नजर आया।


मनोवैज्ञानिक पूछताछ में टूटा पुजारी जब पुलिस ने फरियादी पुजारी विशाल उर्फ शैलेंद्र बैरागी के बयानों की जांच की, तो उसमें विरोधाभास मिला। संदेह होने पर पुलिस ने जब पुजारी से मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ी पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुजारी ने बताया कि उसने अपने स्कूल के दोस्त सुनील चौहान निवासी गर्रावद के साथ मिलकर चोरी का पूरा प्लान बनाया था। योजना के तहत सुनील 21 जून को बस से सुखेड़ा आया और वारदात को अंजाम दिया।

दिल्ली में बेचा सोने का हार, आधे-आधे पैसे बांटने की थी डील

चोरी करने के बाद आरोपी सुनील ने चांदी की सिद्ध चक्र प्रतिमा मंदिर में ही पुजारी विशाल को सौंप दी थी, जिसे विशाल ने छुपा दिया था। दोनों के बीच तय हुआ था कि सोने का हार बेचकर जो भी रकम मिलेगी, उसे आधा-आधा बांट लेंगे। पुलिस ने पहले चरण में पुजारी विशाल के पास से चांदी की प्रतिमा बरामद कर उसे जेल भेज दिया था।
इसके बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुनील चौहान और उसके मददगार दोस्त दीपक टेलर को मंदसौर बायपास से हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने मल्हारगढ़ में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार की मदद से वह सोने का हार दिल्ली ले जाकर ₹1,00,000 में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से खर्च के बाद बचे ₹94,000 नगद जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली:

विशाल बैरागी (उम्र 26 वर्ष): निवासी ग्राम बूढ़ा, थाना नारायणगढ़, जिला मंदसौर (हाल मुकाम- पुजारी, सुखेड़ा जैन मंदिर) - मुख्य साजिशकर्ता

सुनील चौहान (उम्र 26 वर्ष): निवासी ग्राम गर्रावद, थाना नारायणगढ़, जिला मंदसौर - चोरी करने वाला मुख्य आरोपी

दीपक टेलर (उम्र 27 वर्ष): निवासी ग्राम पहेड़ा, थाना मल्हारगढ़, जिला मंदसौर - हार बिकवाने में मददगार

पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका

इस अंधी चोरी का महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कोली, चौकी प्रभारी उनि राजू मखोड, आरक्षक विजयपाल सिंह, प्रेम मीणा, अभय चौहान, जितेंद्र माली, कमल सिंह और प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा सहित रतलाम साइबर सेल के आरक्षक तुषार सिसोदिया की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।