कलयुगी ममता शर्मसार: मथूरी में नवजात को बोरे में भरकर पाइप में फेंका, किसान की सतर्कता से बची जान

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कलयुगी ममता शर्मसार: मथूरी में नवजात को बोरे में भरकर पाइप में फेंका, किसान की सतर्कता से बची जान

मथूरी रिंगरोड की घटना: रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण ने दी पुलिस को सूचना, अस्पताल के SNCU में भर्ती बच्चा सुरक्षित, जांच में जुटी पुलिस

रतलाम। D I T NEWS :-  समीपस्थ ग्राम मथूरी में इंसानियत को शर्मशार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां रविवार सुबह एक अज्ञात कलयुगी मां या परिजन अपने नवजात शिशु (बालक) को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर पुलिया के नीचे बने एक संकरे पाइप में लावारिस छोड़कर फरार हो गया। गनीमत रही कि समय रहते एक किसान की नजर उस पर पड़ गई, जिससे मासूम की जान बच गई। पुलिस ने नवजात को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

खेत पर जा रहे किसान को सुनाई दी रोने की आवाज

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब नौ किलोमीटर दूर ग्राम मथूरी में रिंगरोड से सटी पुलिया के पास यह घटना हुई। रविवार सुबह करीब 10 बजे स्थानीय किसान अंबाराम पाटीदार मथूरी से रिंगरोड होते हुए ग्राम घोड़ाखेड़ा स्थित अपने खेत पर जा रहे थे। जब वे पुलिया के पास से गुजरे, तो उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। सुनसान जगह पर आवाज सुनकर अंबाराम रुके और आसपास मुआयना किया।

जब वे पुलिया के नीचे लगे पाइप के पास पहुंचे, तो आवाज और तेज हो गई। पाइप के अंदर झांकने पर उन्हें एक बोरा (बारदाना) दिखाई दिया। संदेह होने पर जब उन्होंने बोरा खोला, तो अंदर एक थैली में कपड़े से लिपटा हुआ नवजात शिशु तड़प रहा था।

मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़, डायल 112 ने संभाला मोर्चा

किसान अंबाराम ने तुरंत इस बात की जानकारी गांव के गिरधारी चौधरी, सुनील राठौड़ और मुकेश चौधरी को दी। कुछ ही देर में यह खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल 'डायल 112' की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए नवजात को अपने संरक्षण में लिया और तुरंत एमसीएच (MCH) अस्पताल रवाना हुए।

SNCU में भर्ती है मासूम, डॉक्टर रख रहे नजर

नवजात को एमसीएच अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का जन्म रविवार सुबह ही हुआ था और जन्म के कुछ ही देर बाद उसे फेंक दिया गया था। फिलहाल डॉक्टरों और नर्सों की एक विशेष टीम उसकी चौबीसों घंटे देखरेख कर रही है और बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, अस्पतालों का रिकॉर्ड भी रडार पर

मासूम को इस तरह मौत के मुंह में धकेलने वाले बेरहम दिल इंसानों का शाम तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार :

  • ग्राम मथूरी और रिंगरोड के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि सुबह के समय वहां से गुजरने वाले संदिग्धों की पहचान हो सके।

  • आसपास के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों व प्रसूति केंद्रों से पिछले 24 से 48 घंटों में हुए जन्म का रिकॉर्ड मांगा गया है।

  • ग्रामीणों और मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि आरोपी का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।