तीन प्रमुख चोरियों से खुला राज
शहर के माणकचौक थाना क्षेत्र में लगातार तीन बड़ी चोरियां दर्ज की गई थीं:
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6 फरवरी: संत नगर से अशोक राठौर की होंडा शाइन।
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17 फरवरी: ईदगाह रोड से प्रतिक बारिया की एचएफ डीलक्स।
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26 फरवरी: संत नगर से ही शैलेन्द्र सिंह डोडिया की सीडी डीलक्स।
इन मामलों में धारा 303(2) BNS के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
ऐसे बिछाया गया जाल
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में शहर के थानों और सायबर सेल की एक संयुक्त टीम बनाई गई। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया जाए और सीसीटीवी व तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाए।
सघन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को रानीसिंह क्षेत्र में चार संदिग्ध युवक मिले। जब उनसे बाइक के कागजात मांगे गए, तो वे टालमटोल करने लगे। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने झाबुआ जिले के थांदला निवासी विकास (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जो इस गिरोह का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है। उसके साथ तीन अन्य नाबालिग भी शामिल थे।
जप्त की गई गाड़ियाँ: पुलिस ने कुल 9 वाहन बरामद किए हैं, जिनमें माणकचौक, स्टेशन रोड और डीडी नगर क्षेत्र से चोरी हुई गाड़ियां शामिल हैं। इनमें से दो बाइकों का इस्तेमाल आरोपी अन्य वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
पुलिस टीम की थपथपाई गई पीठ
इस पूरे ऑपरेशन में माणकचौक थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे, निरीक्षक सुरेंद्र सिंह गडरिया, डी डी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव, सायबर सेल के जीवन बारिया और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के सदस्यों द्वारा तकनीकी साक्ष्यों और धरातल पर की गई कड़ी मेहनत के कारण ही गिरोह तक पहुंचा जा सका।
पुलिस की अपील: "वाहन स्वामी हमेशा सुरक्षित पार्किंग का उपयोग करें और हैंडल लॉक के साथ अतिरिक्त सुरक्षा लॉक का इस्तेमाल जरूर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।"