रतलाम पुलिस की बड़ी सफलता: 300 KM तक पीछा कर मेरठ के अंतरराज्यीय शातिर बदमाशों को दबोचा, 10 घंटे में चोरी का खुलासा
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रतलाम/ D I T NEWS :- पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के कुशल नेतृत्व में रतलाम पुलिस ने नामली क्षेत्र में हुई दिनदहाड़े चोरी की सनसनीखेज वारदात का मात्र 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी दो कुख्यात और शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल कार जब्त की है।
फिल्मी अंदाज में पीछा: 300 किलोमीटर की दौड़ और फिर गिरफ्तारी
घटना 27 जनवरी की है, जब नामली निवासी सुरेश धाकड़ के सूने मकान का ताला तोड़कर चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए थे। मामला दर्ज होते ही नामली थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। CCTV फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने जब पीछा शुरू किया तो आरोपी चकमा देने के लिए हाईवे से नीचे उतरते और बार-बार रास्ता बदलते रहे। उज्जैन, बडनगर और बदनावर होते हुए करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर 8-लेन रोड के पास आरोपियों को दबोच लिया।
शातिर अपराधी: विग पहनकर बदलते थे हुलिया
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इरफान सैफी और आमिर पठान (दोनों निवासी मेरठ, UP) के रूप में हुई है। पूछताछ में हैरान कर देने वाले खुलासे हुए:
पहचान छुपाने का तरीका: आरोपी इरफान गंजा है, इसलिए वह वारदात के समय विग (नकली बाल) पहनता था।
बदलते थे कपड़े: पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी कार में अलग-अलग कपड़े और चश्मे रखते थे ताकि वारदात के तुरंत बाद हुलिया बदला जा सके।
जब्त सामग्री और आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 5,22,400 रुपये का मश्रुका जब्त किया है, जिसमें शामिल है:
सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी और मोती।
चांदी की पायजेब और बिछुड़ी।
वारदात में प्रयुक्त कार (DL8CAU7936) और ताला तोड़ने के औजार।
अपराध का लंबा इतिहास: आरोपी आमिर पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, इरफान पर चोरी और आर्म्स एक्ट के 11 मामले दर्ज हैं। ये दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।

इनकी रही मुख्य भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई में नामली थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उनि कन्हैया अवस्थी, सउनि प्रदीप शर्मा, सउनि हीरालाल चंदन, प्र.आर. नारायणसिंह, प्र.आर. दिलीप रावत, आर. माखनसिंह, आर. रविन्द्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सराहनीय योगदान :– प्र.आर. गोपाल खराड़ी, प्र.आर. कांतिलाल ओहरिया, साइबर सेल टीम निरीक्षक अमित कोरी, प्र.आर. मनमोहन शर्मा, प्र आर हिम्मत सिंह, आर. मयंक व्यास, आर. विपुल भावसार, प्र.आर. लोमेश शर्मा (CCTNS शाखा), आर. धर्मेन्द्र मइड़ा, आर. बुआरसिंह का सराहनीय योगदान रहा।